This
lockdown makes man closer to God.
रब से मिलाने वाला है यह लॉकडाउन
,
जैसा कि एक डॉक्टर अपने चीनी रोगी को बताता है, आप बहुत सारी मीठी चीजों का उपयोग करते हैं। आप गर्म चीजें खाना बंद कर दें। इसी
तरह, अलग-अलग रोगियों से अलग-अलग सवाल पूछे जाते हैं और फिर निर्देश
दिए जाते हैं ताकि रोगी खाने से रोक सके या उन चीजों को कम कर सके जो बीमारी के खतरे
को बढ़ा सकती हैं।
तो जिस तरह मीठी चीजों के इस्तेमाल से शुगर बढ़ सकती है। ऐसे ही जब बन्दा अपने रब की
बातों को भूल जाता है,अल्लाह की याद से
गाफिल हो जाता है तो वे हर तरह की परेशानियों में मुब्तेला हो जाता है, वह सभी तरह की परेशानियों
में उलझ जाता है , क्योंकि अल्लाह की
याद, उसकी याद। यह हृदय का भोजन
है। और जब दिल को खाना नहीं मिलेगा, तो वह बेचैन हो जाएगा।
मस्जिदों का खाना नमाज़ है । अगर इबादत करने वालों को मस्जिदें
नहीं मिलीं, तो मस्जिदें बेचैन
हो जाएंगी। जब वे वीरान हुए तो मस्जिदों का क्या होगा ? मस्जिदों की शिकायतें हमारे कानों तक पहुँच रही थीं। उसने अपना
दरवाजा बंद कर दिया। फिर हम होश में आए। और जरा सोचो कि कितने लोग होश में आए।
पक्षी पिंजरे में
यह तालाबंदी हमारे लिए क्या है ? जरा सोचिए ... क्या आपने नहीं सुना है कि हजरत जुनैद बगदादी से पिंजरे में बंद पक्षी ने क्या कहा? ।
ओ जुनैद, आप अपने दोस्तों से मिलते हो । आप अपने दोस्तों के साथ खूब बातें करते हो। आप बैठक का आनंद लेते हो । और आप मुझे कैद करके अपने दोस्तों से दूर रखते हैं। मुझे भी आज़ाद करें। ताकि मैं भी अपने दोस्तों से मिल सकूँ। आनंद लें सकूं ।
यह पक्षी अपने पिंजरे से निकला । और आजादी मिलने के बाद, पक्षी ने कहा,
"हे जुनैद, अपने कान खोलो और सुनो। मैं अल्लाह की याद में केवल एक दिन के लिए अनजान था। पिंजड़े में कैद हुआ , हाय, उन लोगों का क्या होगा जो अक्सर अल्लाह की याद को नजरअंदाज करते हैं। ?
पक्षी हो या इंसान हो या जानवर, जब ईश्वर की याद से बेखबर हो जाता है, तो वह विभिन्न परेशानियों से ग्रसित हो जाता है। हम कठिनाइयों को सहने के लिए मजबूर हो जातें हैं । जरा सोचिए कि हमारे लिए तालाबंदी क्या है ?
अब्बासी खलीफा
यक़ीनन हमें अपने रब से मिलाता है. बन्दे को खुदा के क़रीब करता है। रब से हम अपने गलतियों की गुनाहों की माफ़ी मांगते है ताकि हमें ज़िन्दगी देने वाला हमारा खुदा हम से राज़ी हो जाये और इस अजाब को हम से उठा ले। बस खुदा के हाथों में ही सब कुछ है वह चाहे तो हमें ज़िन्दगी देदे और वह चाहे तो हमें अपने पास बुलाले. यही हमारा ईमान और यही हमारा अक़ीदा है.
इब्न कसीर (अल्लाह तआला उस पर रहम करे) ने बयान किया कि जब सीरिया, इराक और हज्जाज में प्लेग फैला था जिसमें लोगों को तेज़ बुखार था और असंख्य मवेशी और यहाँ तक कि जंगली जानवर भी मारे गए थे, दूध और माँस की भारी कमी थी। प्लेग के साथ तेज हवाएं और तूफान थे, और अनगिनत पेड़ उखड़ गए थे। लोगों को लगा जैसे कयामत आ गया हो। इस महामारी से निपटने के लिए, उस समय के अब्बासी खलीफा, अल-मुक़्तदा बे अमरिल्लाह ने निम्नलिखित फरमान जारी किया:
सभी पुरुषों को अच्छा करने के लिए एक दूसरे को आज्ञा दें. और पाप करना बंद करो, फिर सभी संगीत वाद्ययंत्र टूट गए, शराब की बोतलें फेंक दी गईं, राज्य के सभी दुष्टों को निर्वासित कर दिया गया, और जल्द ही बीमारी दूर हो गई
डर और दहशत ने ली जान।
बहुत पुरानी बात है, एक नगर मे महामारी आने वाली थी ,उसने नगर के राजा से कहा मैं आ रही हूँ, और 500 लोगो की जान लुंगी। राजा ने नगर में ढिंढोरा पिटवा दिया, हर तरफ महामारी का ज़ोर और दहशत एवं डर का माहौल हो गया।
जब महामारी जाने लगी राजा ने कहा कि तुमने तो 500 लोगो की जान लेने को कहा था, पर यह क्या किया, यहां तो 5500 से भी ज्यादा जानें चली गई। तो महामारी ने कहा कि मैने तो 500 ही जाने ली है, पर जो आपने डर और दहशत का माहौल बनाया, 5 हजार जाने तो उस डर और दहशत ने ली हैं।
यह वक्त भी गुजर जायेगा सयंम रखे सावधानी रखें। अखबार पड़ना कम करे,
TV न्यूज़ गलती से भी ना देखें
और अपना व अपने आस पास का माहौल खुश नुमा रखे ,सावधानी रखें, बस लापरवाही न करें और अपना ख्याल पूरा रखें और
बाकी सब ईश्वर पर छोड़ दें। जो होना है, वो होकर ही रहेगा। खुश रहें और सारे डर मन से निकाल दें।
आधा बीमार तो इंसान मानसिक रूप से बीमारी को स्वीकार कर लेने
से ही होता है। और कोरोना के आंकड़े देखना और फॉरवर्ड करने का काम तो बिल्कुल न करें,
जितना पॉजिटिव दिमाग और मन रहेगा उतना स्वस्थ शरीर
रहेगा।
डाक्टर अब्दुल कलाम जिसे इंडिया का मीज़ाइल मैन कहा जाता है उन्होंने
कहा कि''
कुदरत यदि सजा दे रही है तो यह भी सच है कि गुनाह भी हुआ होगा. क्योंकि कुदरत बेवजह
किसी को सजा नहीं देती.
और यक़ीनन हम लोगों से दुनिया के अंदर बहुत सारे गुनाह हो रहे है। अल्लाह की ज़मीन पर इंसानों ने फसाद फैला रखा है. झूट बोलना , चुगलखोरी करना, आपस में लड़ाई झगड़ा करना तो आम बात है. थोड़ी सी ज़मीन जायदाद के लिए एक भाई अपने सगे भाई को कतल कर देता है , जान से मार देता है , धर्म के नाम पर एक दुसरे के जानी दुश्मन बन चुके है.
कोई एक दुसरे को देखना ही नहीं चाहता बस वह अकेला ही दुनिया में रहना चाहता है. मेरे दोस्तों बहुत सारी बुराइयों में हम लोग जकड़े हुए हैं यही कारण है की अल्लाह का अज़ाब हमारे सरपर आ गया , हम तोबा करें , अपने गुनाहों से माफ़ी मांगे,
दुन्याँ में अमन ,
सकुन से रहने का वादा करें ज़रूर अल्लाह पाक हमारी
सुनेगा और हमारे गुनाहों को माफ़ फरमाएगा , ज़रूरी है कि हम सच्चे दिल से तोबा करें. और दुनियाँ में अमनो अमान कायम करने का
वादा करें.
किसी के ऊँचे महलों को देख कर अपने आप को गरीब मत समझो,क्योंकि क़ब्र सब की एक जैसे होती है.
अल्लाह पाक हम तमाम लोगों को अच्छी समझ अता फरमाए , आमीन
QUESTIONS
Orona virus, we also know it as covid 19. This virus was first identified in December 2019 in the city of Wohan, China.
Corona,
this is a virus that enters the human body through inhalation. On 11 March
2019, this virus was accepted as a pandemic. This epidemic has created an
atmosphere of fear among the people of the whole world.
This
virus spreads in the body of each other by just breath and touch of hands. Due
to which diseases like cold, cold, headache, difficulty in breathing are born.
According
to the Health Department, it takes 14 days for this disease to spread. For this
reason, the person in whom this symptom is found, he should stay away from
everyone for 14 days so that he gets completely cured and does not spread to
others.
When
you want to go out, wear a mask and go out. Take care of social distancing in
the market etc.


2 Comments
Bilkul sahi kaha aap ne allah aap ko or jeyadah ilm me ajafa kre amin summa amin
ReplyDelete👌
ReplyDeleteHello guys, let me know how the post is. And do share it among your friends. Thank you,
हेलो दोस्त , पोस्ट कैसी लगी ज़रूर बताएं, और अपने दोस्तों में ज़रूर शेयर करदें. धन्यवाद I