प्रस्तावना,
इस्लाम धर्म में बारह महीने में से एक ऐसा महीना है जिस में हर मुस्लमान आकिल, बालिग़ मर्दो औरत पर सुबहे सादिक़ (भोर)से सूरज डूबने तक रोज़ा (fasting)रखना फ़र्ज़ है. और वह महीना है रमजान का जिसे हम रमजान शरीफ के नाम से जानते हैं. इस लेख में यह बताया गया है की रोज़ा किन किन चीजों से टूट जाता है और किन किन चीजों से नहीं टूटता, रोज़े में, इस महीने में हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इन्ही सब बातों पर प्रकाश डाला गया है. लेख पढ़ने के लिए शुक्रिया.,
रोज़ा (fasting) क्या है ?
मज़हबे इसलाम में रोज़ा कहते है इबादत की नियत से सुबहे सादिक़ (भोर) से लेकर सूरज के डूबने तक खाने,पीने,और हमबिस्तरी से अपने आपको रोके रखना,
रोज़ा कब फ़र्ज़ हुआ ?
हुज़ूर सल लल्लाहो अलैहे वसल्लम के मक्का शरीफ से मदीना जाने के दो साल बाद यानी 10 शाबान 02 हिजरी को तमाम मुसलमानो पर रोज़ा फ़र्ज़ हुआ,
रोज़ा रखने के लिये शर्त(अनिवार्य)
(01) मुस्लमान,आक़िल,बालिग़ होना.
(02) हैज़(माहवारी)निफ़ास(बच्चे के जन्म लेने के बाद आने वाला खून,चालीस दिन तक)से पाक होना ज़रूरी है.
(03) नाबालिग (छोटे बच्चे) पर रोज़ा नहीं. बालिग़ जवान होना शर्त है.
(04) मजनू यानि दीवाना,पागल,पर रोज़ा फर्ज नहीं,रोज़े के लिए आकिल अकल्मन्द होश में होना शर्त है.
रोज़े की नियत क्या है ?
नियत दिल के इरादे का नाम है. ज़बान से कहना कोई ज़रूरी नहीं. अगर ज़बान से कह लिया तो बेहतर है वरना कोई बात नहीं। अगर रात में सहरी के वक़्त नियत करना हो तो इस तरह कह ले. "
रोज़े की नियत अरबी में,
नवैतो अन् असूमो गदन लिल्लाहे त आला मिन शहरे रामजाने हाज़ा।
रोज़े की नियत उर्दू में,
नियत की मैंने अल्लाह त आला के लिये इस इस रमजान के फ़र्ज़ रोज़े का
जो मैं कल रखूँगा।
किन चीजों से रोज़ा टूट जाता है. ?`
(01) खाने,पीने,या सम्भोग करने से रोज़ा टूट जाता है.अगर यह काम भूले से किया तो रोज़ा न टूटा।
(02) हुक़्क़ा,सिग्रेट,बीड़ी,चर्स,सिगार,पीने से रोज़ा टूट जाता है.
(03) पान तम्बाकू,सुर्ती आदी खाने से रोज़ा टूट जाता है.
(04) शकर,चीनी,गुड़,आदि ऐसी चीजें जो मुंह में रखने पर घुल जाती है. मुंह में रखा और थूक निगल गया तो रोज़ा टूट गया.
(05) दांतों में कोई चीज चने के बराबर या उस से ज़्यादा थी उसे खा गया, तो रोज़ा टूट गया,
(06) दांतो से खून निकल कर हल्क़ से नीचे उतरा,और और खून थूक से ज़्यादा या बराबर था,या कम था मगर उसका मज़ा हल्क़ में मालूम हुआ तो रोज़ा टूट गया. और अगर खून कम था और उसका मज़ा भी मालूम न हुआ तो रोज़ा न टूटा.
(07) मर्द ने औरत का बोसा लिया,चूमा,और जिस्म ढीला पड़ गया तो रोज़ा टूट गया.
(08) औरत ने मर्द को छुआ और मर्द का बदन ढीला पड़ गया तो रोज़ा न टूटा.
(09) आँसू मुंह में चला गया और निगल लिया अगर वह एक दो बून्द है तो कोई बात नहीं, अगर ज़्यादा है उसकी नमकीनी पुरे मुंह में मालूम हुई तो रोज़ा टूट गया.
(10) मुंह भर उलटी होने से रोज़ा टूट जाता है. अगर मुंह भर से कम है तो नहीं टूटेगा,
जिनसे रोज़ा नहीं टूटता,
(01) रोज़े की हालत में एहतिलाम (सुवप्नदोष) हो जाने से रोज़ा नहीं टूटता.
( 02) मक्खी या धुआँ या गर्द हल्क़ में चले जाने से रोज़ा नहीं टूटता;
(03) तेल या सुर्मा लगाने से रोज़ा नहीं टूटता.
(04) दांत से खून निकल कर हलक़ तक पहुँचा मगर हल्क़ से नीचे न उतरा तो रोज़ा नहीं टूटा।
(05) बात करने में थूक से होंठ भीग गये और थूक को घोंट गया, रोज़ा नहीं टूटा.
(06) भूले से कुछ खा रहा था,रोज़ा याद आते ही खाना छोड़ दिया, जो मुंह में था उगल दिया रोज़ा नहीं टूटा.
(07) कान में पानी चले जाने से रोज़ा नहीं टूटता.
(08) बोसा लिया,मगर मनी नहीं निकली तो रोज़ा नहीं टूटा.
(09) दवा कूटी,या आंटा छाना उस का मज़ह (test) हलक़ में मालूम हो गया फिर भी रोज़ा नहीं टूटा.
(10) इंजेक्शन लगाने से रोज़ा नहीं टूटता,अलबत्ता मर्ज के बढ़ जाने का खतरा हो तब लगवाये, रोज़ा नहीं टूटेगा।
गूगल हब से लिए गए कुछ प्रश्नों के उत्तर.
प्रश्न - अगर हम पाउडर लगाएंगे तो आपका रमजान का रोजा टूट जाएगा ?
उत्तर - पावडर लगाने से रोज़ा नहीं टूटता।
प्रश्न - क्या रमज़ान में रोज़े के दौरान सिर की जुओं को मार सकते हैं?
उत्तर - रोज़े के हालत में जुवां मरना कोई हर्ज नहीं.
प्रश्न - क्या हम रमजान के उपवास के दौरान अंडरगारमेंट्स धो सकते हैं?
उत्तर - रोज़े के हालत में अंडरगार्मेंट बिलकुल धो सकते है.
प्रश्न - क्या मैं रमजान में उपवास के दौरान बेसन का फेस पैक लगा सकता हूं?
उत्तर - रमजान में उपवास के दौरान बेसन का फेस पैक लगाने में कोई हर्ज नहीं.
प्रश्न - रमजान के दौरान रोजा नहीं रखने वाले व्यक्ति को कहा जाता है?
उत्तर - ऐसे आदमी को ईदगाह में आने की इजाज़त नहीं,उसे रोज़ा छोड़ने वाला कह सकते है.
प्रश्न - रमज़ान के रोज़े के दौरान अगर कोई घायल हो जाए और उसे इंजेक्शन लग जाए तो क्या होगा?
उत्तर - रमजान या किसी भी रोज़े के दौरान अगर कोई ज़ख़्मी हो जाये और वह इंजेक्शन लगवाले तो इस से रोज़ा नहीं टूटता।
प्रश्न - रमजान के उपवास के लिए कितने लोगों को चांद देखना चाहिए
उत्तर - रमजान शरीफ के चाँद के लिए अगर एक आदमी अकिल,बालिग़,मुस्लिम मर्द या औरत चाँद की गवाही दे तो ये काफी है.

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