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JO KHAMOSH RAHA USNE NIJAT PAAEI : जो खामोश रहा उसने निजात पाई,

 


  Speak sweet
दोस्तों ,

       हमारी ज़िन्दगी में हमें एक दुसरे से बात चीत करने की ज़रुरत पड़ती है बगैर गुफ्तगू के हम एक दुसरे के ख्यालता को समझ ही नहीं सकते इस लिए बात करना भी ज़रूरी है लेकिन बेकार का बोलते रहना बेवकूफी है.

इंसान को हमेशा मीठे और अच्छे शब्द मुंह से निकलना चाहिये इस से आदमी की इज़्ज़त बढ़ती है।  हमेशा सोच समझ कर बोलना चाहिये ,   

अक्लमंदों ने कहा है कि पहले तोल फिर बोल, बोलने से पहले तोल लेने चाहिए कि हमारा यह शब्द अगले को भारी  न पड़ जाये। और उस के दिल को तकलीफ न पहुँच जाये.

बात करने का तरीका प्यारे नबी मोहम्मद सलल्लाहो अलैहे वसल्लम  ने इस तरह से फ़रमाया है.

01 . किसी से बात करें तो चेहरे पर हलकी मुस्कराहट बनाये रख्खें.

02 . छोटों  के साथ बात करने में रहम दिली और बड़ों के साथ बात करने में अदब का लहजा रख्खें.

03 . चिल्ला चिल्ला कर बात करने से बचें.

04 . दौरान गुफ्तगू एक दुसरे के हाथ पर ताली देने से बचें।

05 . एक दुसरे से बात चीत के बीच नाक या कान में ऊँगली डालना या थूकना अच्छी बात नहीं. इस से दूसरों को घिन आती है.

05 . जब तक दूसरा बोल रहा हो खूब गौर से उनकी  बातों को सुनें. बातों को बीच ही में काट कर अपनी बात न शुरू करदें.

06 . कोई हकला कर बात करता होतो उसकी नक़ल न उतारें की इस से उस का दिल टूट सकता है.

07 . गुफ्तगू इतनी ही आवाज़ के साथ करें कि सामने वाला सुन लें किसी दुसरे को आप की आवाज़ से तकलीफ न हो.

08 . ज़्यादा बात करने और ज़ोर ज़ोर से हसने से दूसरों की नज़र में इज़्ज़त वक़्क़ार कम हो जातI है.

09 . ख़ामोशी हज़ार बीमारियों का इलाज है.

10 . जो खामोश रहा उसने निजात पाई।

बातूनी को अक्सर पच्छ्ताना पड़ता है।

एक कवि ने कहा, शिक्षा  इंसान की खूबसूरती  है और ख़ामोशी सलामती है. और जब कभी बोलना पड़े तो ज़्यादा न बोलो , क्योंकि तुम ने ख़ामोशी पर ज़ियादा नदामत न उठाई होगी. मगर बात कर के बहुत बार शर्मिंदा हुए होंगे

इस लिए मेरे भाई मीठे बोल बोलिये.

प्रश्न है,

·    कई चांद थे सरे आसमां,, यह किसकी लिखी ग़ज़ल है?

यह ग़ज़ल नहीं बल्कि उपन्यास है जिसे ,, शम्सुर्रहमान  फ़ारूक़ी ने लिखा है.

                

hmrizwanamani@gmail.com



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